प्यार का बंधन
[Verse 1] आँगन में खुशियों की बहार छाई है, शहनाई की गूँज संग रौनक़ आई है। सज-धज के बैठे हैं दूल्हा और दुल्हन, जैसे तारों के बीच चाँद की रुसवाई है। सबकी जुबां पर बस यही तराना, आज है खुशियों का बड़ा खज़ाना। [Chorus] मुबारक हो तुमको ये प्यार का बंधन, सदा महकता रहे तुम्हारे जीवन का उपवन। सात जन्मों का ये साथ निभाना, हर पल एक दूजे पर प्यार लुटाना। मुबारक हो, मुबारक हो, ये नई ज़िंदगानी। [Verse 2] नया सफ़र है, नई उमंगें साथ हैं, हाथों में अब एक दूजे का हाथ है। कभी धूप, कभी छाँव, साथ चलना तुम, विश्वास की डोर को कभी न छोड़ना तुम। हंसी-ठिठोली से गूँजे घर-बार, बना रहे यूँ ही अपनों का प्यार। [Bridge] दो दिल आज धड़कन एक बन गए, रिश्ते ये अनमोल अब जुड़ गए। दुआ है हमारी, रहे सलामत ये जोड़ी, प्यार की खुशबू से महके हर एक घड़ी। [Chorus] मुबारक हो तुमको ये प्यार का बंधन, सदा महकता रहे तुम्हारे जीवन का उपवन। सात जन्मों का ये साथ निभाना, हर पल एक दूजे पर प्यार लुटाना। मुबारक हो, मुबारक हो, ये नई ज़िंदगानी।
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