मेरी मोहब्बत
तुम्हारे आने से मेरी दुनिया गुलज़ार हो गई है, हर धड़कन अब बस तुम्हारी तलबगार हो गई है। इन आँखों में बसता है अब चेहरा सिर्फ तुम्हारा, तुमसे मिलके ही मुकम्मल मेरी बहार हो गई है। ये दूरियां मिटा दो, आज तुम करीब आ जाओ, वेलेंटाइन की शाम है, मेरे हमनवा बन जाओ। तुम्हारे बिना ये दिल अब कहीं लगता नहीं, बनके खुशबू तुम मेरी सांसों में समा जाओ।
This poem was written by AI. Copy it, share it, use it in cards or speeches — it's completely free and yours to use.