अटूट प्रेम

अटूट प्रेम

तुम्हारे होने से ही तो, महकती है मेरी दुनिया, मेरे हर ख्वाब की ताबीर, बस तुम ही तो हो। धड़कनों में जो गूंजता है, वो नाम तुम्हारा है, मेरे जीने की वजह और तकदीर, बस तुम ही तो हो। इस वैलेंटाइन पर करता हूँ, तुमसे ये वादा, हर सुख-दुःख में रहूँगा, बनकर तुम्हारा साया। चांद-तारों से भी गहरा, रिश्ता है ये हमारा, सदा के लिए मैंने तुम्हें, अपने दिल में बसाया।

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