प्रेम का सफर

प्रेम का सफर

तुम्हारी हंसी में सुबह की पहली किरण है, तुम्हारी बातों में शाम का सुकून बसा है। जैसे बंजर ज़मीन को बारिश मिल जाए, वैसे ही मुझे तुम्हारा साथ मिला है। न लफ्ज़ कह पाते हैं, न खामोशी छुपा पाती है, ये दिल की धड़कन बस तुम्हारा नाम गाती है। वैलेंटाइन तो बस एक बहाना है इजहार का, मेरी हर सांस में खुशबू है तुम्हारे प्यार की। हाथों में हाथ रहे, ये सफर चलता रहे, प्यार का ये दीया हमेशा जलता रहे। तुम हो तो दुनिया हसीन लगती है, तुम्हारे बिना ये जिंदगी वीरान लगती है।

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