अनमोल दोस्ती

अनमोल दोस्ती

खुशियों के दीप जलते रहें राहों में, सितारे चमकते रहें तुम्हारी पनाहों में। ये दिन तुम्हारे लिए बहार बनकर आए, हर लम्हा जिंदगी का तुम्हें हंसाए। दुआ है रब से, तुम सदा आबाद रहो, गम की परछाइयों से हमेशा आजाद रहो। दोस्ती का यह बंधन कभी न टूटे, सफलता का दामन तुमसे कभी न छूटे।

यह कविता AI द्वारा लिखी गई है। इसे कॉपी करें, साझा करें, कार्ड या भाषणों में उपयोग करें — यह पूरी तरह से मुफ्त है और आपकी है।

मुफ़्त CC0 व्यावसायिक उपयोग
पाठ कॉपी किया गया
हटाने में त्रुटि
पुनर्स्थापित करने में त्रुटि
वीडियो प्रकाशित
वीडियो अप्रकाशित
शिकायत भेजी गई
हो गया
त्रुटि
लेखक को प्राप्त हुआ:+5+10