नारी: एक अनमोल शक्ति

नारी: एक अनमोल शक्ति

नारी तुम शक्ति हो, तुम ही हो आधार, सृष्टि की रचयिता, तुम से है संसार। कोमल हो फूलों सी, पर चट्टान सी हो तुम, हर मुश्किल में डटकर, जीत का गान हो तुम। आसमान छूने की, तुम में है अभिलाषा, तुम ही हो ममता, तुम ही प्रेम की भाषा। आज का दिन है तुम्हारा, करो गर्व खुद पर, रोशन करो दुनिया, बनके सूरज हर प्रहर।

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