शाश्वत प्रेम

शाश्वत प्रेम

तुम्हारे बिना सूनी है मेरी हर एक शाम, मेरी हर धड़कन पे लिखा है बस तुम्हारा नाम। प्रेम के इस सागर में हम तुम बहते जाएँ, चलो आज वैलेंटाइन का ये दिन मनाएँ। आँखों में तुम्हारी मेरा पूरा संसार है, तुम्ही से शुरू और तुम्ही पे खत्म मेरा प्यार है। हाथों में हाथ लेकर चलो दूर कहीं चलें, जहाँ खुशियों के फूल हर पल खिले।

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