नारी शक्ति
तू ही सृष्टि का आधार है, तू ही ममता का सागर है। न समझ खुद को कभी कमज़ोर, तेरे भीतर छिपा एक आदर है। बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़, नए शिखरों पर तू आज चढ़। सपनों के रंगों से भर दे जहां, अपनी किस्मत तू खुद ही गढ़। तू प्रेम है, तू ही शक्ति है, ईश्वर की तू ही भक्ति है। आज का दिन है तेरे नाम, तुझसे ही जग की अभिव्यक्ति है।
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