अनमोल दोस्ती
खुशियों के दीप जलते रहें राहों में, सितारे चमकते रहें तुम्हारी पनाहों में। ये दिन तुम्हारे लिए बहार बनकर आए, हर लम्हा जिंदगी का तुम्हें हंसाए। दुआ है रब से, तुम सदा आबाद रहो, गम की परछाइयों से हमेशा आजाद रहो। दोस्ती का यह बंधन कभी न टूटे, सफलता का दामन तुमसे कभी न छूटे।
Ce poème a été écrit par IA. Copiez-le, partagez-le, utilisez-le dans des cartes ou des discours — c'est totalement gratuit et à vous.