तुम्हारे साथ - प्रेम का उत्सव
तुम जो मिली तो जिंदगी, जन्नत सी लगती है, हर सुबह अब ख्वाबों की मन्नत सी लगती है। तुम्हारी हंसी में छिपी है खुशियों की चाबी, तुम्हारे बिना ये दुनिया अब सुन्न सी लगती है। दिल की धड़कन में बस तुम्हारा ही नाम है, तुम्हारे इश्क में ही अब मेरी सुबह-शाम है। इस वैलेंटाइन पर बस यही वादा है मेरा, तुम्हारे साथ ही मेरा हर मुकाम है। चांदनी से भी ज्यादा चमकती है तुम्हारी आंखें, मेरे दिल के आसमान की तुम ही हो बातें। हाथ थामे चलना तुम उम्र भर मेरे साथ, प्यार की स्याही से लिखेंगे हम अपनी यादें।
Bu şiir yapay zeka tarafından yazıldı. Kopyalayın, paylaşın, kartlarda veya konuşmalarda kullanın — tamamen ücretsiz ve kullanımınıza hazır.