प्यार का एहसास
दिल की धड़कनों में बस तेरा ही नाम है, हर लम्हा अब तेरे ही नाम पैगाम है। जैसे चाँदनी छू ले रात की तन्हाई को, तूने वैसे ही रोशन किया मेरी परछाई को। गुलाब की खुशबू भी तेरे आगे फीकी है, मोहब्बत की ये दास्तां कितनी अनूठी है। हाथ थाम लो मेरा इस सफर में हमदम, तेरे बिना अब न जी पाएंगे हम।
Questa poesia è stata scritta dall'IA. Copiala, condividila, usala in biglietti o discorsi — è completamente gratuita e tua da usare.