नारी: एक शक्ति
तू ही है सृजन, तू ही आधार, तेरे होने से है रोशन संसार। कोमलता में छिपी एक चट्टान है तू, मुश्किलों में जलती मशाल है तू। तोड़ दे बेड़ियाँ, भर ले उड़ान, तेरी मुट्ठी में है पूरा आसमान। नारी दिवस पर तुझे शत-शत नमन, तेरी शक्ति से ही है यह जीवन।
Questa poesia è stata scritta dall'IA. Copiala, condividila, usala in biglietti o discorsi — è completamente gratuita e tua da usare.