नारी: एक अद्भुत शक्ति
तुम प्रेम हो, तुम करुणा हो, सृष्टि का तुम ही आधार हो। हर रूप में तुम ढल जाती हो, जीवन को स्वर्ग बनाती हो। कोमल हो पर कमजोर नहीं, तेरे बिना यह संसार नहीं। उड़ चलो अब खुले गगन में, रोशनी भर दो इस जीवन में।
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