इश्क की खुशबू

इश्क की खुशबू

तुम्हारे इश्क की खुशबू फिज़ा में घुल सी गई है, मेरी दुनिया तुम्हारी चाहतों में ढल सी गई है। ये वैलेंटाइन तो बस एक बहाना है इज़हार का, हकीकत तो ये है कि ज़िंदगी तुम पर थम सी गई है। सितारों से चुराकर आज मैं एक शाम लाया हूँ, तुम्हारे वास्ते होठों पे तेरा नाम लाया हूँ। जुदा न होंगे हम, ये वादा है धड़कनों का, मोहब्बत का तुम्हारे लिए मैं पैगाम लाया हूँ।

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