नारी: शक्ति का रूप
तू ही है जननी, तू ही है शक्ति का अवतार, तेरे बिना अधूरा है यह सारा संसार। कोमलता में छिपी है चट्टानों सी दृढ़ता, हर मुश्किल को पार करे तेरी ही ममता। आज नभ को छूने की तूने ठानी है, हर क्षेत्र में गूंज रही तेरी कहानी है। नारी तू अबला नहीं, तू है सबला महान, तुझसे ही रोशन है धरती और आसमान।
Ushbu she'r sun'iy intellekt tomonidan yozilgan. Undan nusxa oling, ulashing, tabriknomalar yoki nutqlarda foydalaning — u mutlaqo bepul va sizniki.