नारी: एक अद्भुत शक्ति
तुम हो सृष्टि की मूल आधार, स्नेह और शक्ति का हो तुम सार। कभी कोमल ओस सी, कभी ज्वाला महान, तुमसे ही है इस जग की पहचान। सपनों के पंख लगा, भरो ऊँची उड़ान, तुमसे ही रौशन है धरती और आसमान। नारी तुम हो अपराजिता, तुम हो विशेष, तुम्हारे सम्मान में नमन करता है शेष। हर रूप में तुम हो वंदनीय, तुम्हारी गाथा है अकथनीय। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामना।
Ushbu she'r sun'iy intellekt tomonidan yozilgan. Undan nusxa oling, ulashing, tabriknomalar yoki nutqlarda foydalaning — u mutlaqo bepul va sizniki.