शक्ति का रूप
तुम हो शक्ति, तुम हो सम्मान, तुमसे ही है घर और जहान। हर रूप में तुम हो बेमिसाल, तुमसे ही रोशन है हर साल। माँ, बहन, बेटी या पत्नी, हर रिश्ते में तुम हो अपनी। अपने सपनों की उड़ान भरती, नयी उम्मीदें तुम ही गढ़ती। आज का दिन है तुम्हारे नाम, करते हैं हम तुम्हें प्रणाम। नारी तुम हो प्रेम की मूरत, इस दुनिया की सबसे खूबसूरत।
Ushbu she'r sun'iy intellekt tomonidan yozilgan. Undan nusxa oling, ulashing, tabriknomalar yoki nutqlarda foydalaning — u mutlaqo bepul va sizniki.